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| 040 | _cAL | ||
| 041 | _ahin | ||
| 082 |
_223 _aH891.109 _bGROM |
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| 100 |
_aVimal Grover: विमल ग्रोवर _9143247 |
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| 245 |
_aMaine Sou Baar Kaha Hai: _bमैंने सौ बार कहा है |
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| 260 |
_aMerat _bPankh Prakashan _c2022 |
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| 300 |
_a151p. _bPB _c21x14cm. |
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| 365 |
_2Hindi _b200.00 _c₹ _d200.00 |
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| 520 | _aयह पुस्तक मंच संचालन करने लिए, पब्लिक स्पीकिंग अथवा मंच के वक्ताओं के लिए विशेष उपयोगी है| लगभग हर अवसर के लिए प्रसिद्ध कवि विमल ग्रोवर के लिखे हुए रचना/मुक्तक का संकलन इस पुस्तक में मौजूद है| | ||
| 650 |
_aHindi Poetry: हिंदी कविता _9142869 |
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| 650 |
_aHindi Literature: हिंदी साहित्य _9142870 |
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| 700 |
_aGROVER (Vimal): ग्रोवर ( विमल) _9142871 |
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| 942 |
_2ddc _cDB |
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| 999 |
_c229275 _d229275 |
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