| 000 | 03690nam a22002177a 4500 | ||
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| 005 | 20240611141132.0 | ||
| 008 | 221202b ||||| |||| 00| 0 eng d | ||
| 020 | _a8189235044 | ||
| 040 | _cAL | ||
| 041 | _aHindi | ||
| 082 |
_223 _aH891.4 _bBALA |
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| 100 |
_aAcharya Balkrishna _9170078 |
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| 100 |
_964641 _d आचार्य बालकृष्ण |
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| 245 |
_aAushad Darshan _b औषध दर्शन |
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| 260 |
_aHaridwar _bDivya Prakashan _c2004 |
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| 300 |
_axviii,76 p. _bPB _c21.5x13.5 cm. |
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| 520 | _aआयुर्वेद चिकित्सा - कर्म में जिन औषधियों के अनेक चामत्कारिक प्रभाव रोगों पर देखने को मिले उन औषधियों का विवरण ' स्वान्तः सुखाय ' संगृहीत करते रहे , कालान्तर में वही सामग्री ' औषध - दर्शन ' के रूप में प्रकाशित हुई । इस छोटी सी पुस्तक ने जहाँ एक ओर आयुर्वेदिक चिकित्सा जगत में क्रान्ति पैदा कर दी , वहीं दूसरी ओर इस चिकित्सा पद्धति को नई ऊँचाइयाँ भी प्रदान की । हमें हजारों वैद्यों के माध्यम से इस चिकित्सा परम्परा को राष्ट्रव्यापी बनाने का अवसर प्राप्त हुआ , इसी के साथ इस पुस्तक का जन - जन तक तेजी से प्रसार हुआ हमने कभी कल्पना नहीं की थी कि यह पुस्तक लाखों वैद्यों के चिकित्सकीय प्रशिक्षण की आधारशिला बन जाएगी । इसे लोगों ने हाथों - हाथ लिया व बड़ी तेजी से अपनाया । अब तक ' औषध - दर्शन ' की 95 लाख प्रतियाँ 15 भाषाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं और 10 साल के अन्दर ये सभी प्रतियाँ बिक चुकी हैं । इस पुस्तक ने आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में प्रसार संख्या की दृष्टि से नया कीर्तिमान बनाया है । इससे इसकी उपयोगिता व श्रेष्ठता स्वतः प्रमाणित होती है । इस पुस्तक ने लोगों में एक नई सोच पैदा करके , परम्परागत आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को नई उड़ान दी है । गागर में सागर भरने वाली इस सारगर्भित एवं चिकित्सा के लिए विश्वसनीय पुस्तक का परिवर्धित व परिष्कृत नवीन संस्करण प्रस्तुत है । | ||
| 650 |
_aMedicinal Plants _964642 |
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| 700 |
_aBALKRISHNA (Acharya) बालकृष्ण (आचार्य ) _964643 |
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| 942 |
_2ddc _cGF |
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| 999 |
_c225417 _d225417 |
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