| 000 | 01565nam a22002177a 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 005 | 20240816144147.0 | ||
| 008 | 221129b ||||| |||| 00| 0 eng d | ||
| 020 | _a8188139300 | ||
| 040 | _cAL | ||
| 041 | _aHindi | ||
| 082 |
_223 _aH891.1 _bPATB |
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| 100 |
_aMoolchandra Pathak _9177439 |
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| 100 |
_964146 _dमूलचन्द्र पाठक |
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| 245 |
_aBhartrihari ka vairagaya shatak _b भर्तृहरि का वैरागया शतक |
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| 260 |
_aDelhi _bGyan Ganga ज्ञान गंगा _c2003 |
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| 300 |
_a132 p. _bHB _c22x14 cm. |
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| 365 |
_c₹ _d₹125.00 |
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| 520 | _aश्री पाठक कौ मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार एवं राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, नई दिल्ली द्वारा मार्च २००० में ' विद्वत्सम्मान ' से, राजस्थान सरकार द्वारा संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में प्रशंसनीय लोकसेवा के लिए अगस्त २००१ में तथा राजस्थान संस्कृत अकादमी, जयपुर द्वारा मार्च २००२ में विशिष्ट विद्वान् के रूप में सम्मानित किया गया । | ||
| 700 |
_aPATHAK (Moolchandra) _964147 |
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| 942 |
_2ddc _cGF |
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| 999 |
_c225373 _d225373 |
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