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040 _cAL
041 _aHindi
082 _aH891.8 BISS
100 _aBISARIYA (Punit)
_dपुनीत बिसरिया
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245 _aShodh kaise kare?
_bशोध कैसे करें?
260 _aNayi Dilli
_bAtlantic Publishers & Distibutors
_c2007
300 _aviii,133
520 _aप्रस्तुत पुस्तक पी-एच.डी. करने वाले छात्र छात्राओं के लिए योजन बनाने पी-एच.डी. की बारीकियों को समझने तथा उनकी विभिन्न समस्याओं का समाधान करने के लिए एक अत्यन्त महत्वपूर्ण प्रकाश स्तम्भ है इस पुस्तक के माध्यम से विद्वान लेखक ने शोध कार्य के आरम्भ से लेकर डॉक्टरेट की उपाधि मिलने तक शोध से सम्बन्धित विभिन्‍न तथ्यों का अत्यन्त सूक्ष्मतापूर्वक्ष तथा सरल ढंग से विवेचन प्रस्तुत किया है। पी-एच.डी. करने वाले विद्यार्थियों को पी-एच.डी. के विषय में एक सामान्य दृष्टिकोण देने वाली पुस्तक का हिन्दी ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण भारतीय साहित्य'जगत मैं नितान्त अभाव था, जो उन्हें पी-एच.डी. करने के क्रम में आने वाली विभिन्‍न समस्याओं का समाधान ढूढ़ने की दिशा में उचित मार्ग-निर्देशन कर सके। यह पुस्तक इन्हीं अभावों की पूर्ति का एक सराहनीय प्रयास है। निस्संदेह पी-एच.डी. करने वाले अध्येताओं के लिए पुस्तक अपरिहार्य है, परन्तु सामान्य पाठकों के लिए भी यह अत्यन्त उपयोगी एवं महत्त्वपूर्ण है।
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